टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने 'नेताओं के पाला बदलने' को लेकर क्या कहा
![]() |
| सागरिका घोष ने सवाल किया कि 'अगर आपके विचार चुनाव परिणाम के साथ बदल जाते हैं, तो क्या वे वास्तव में आपके विचार थे?' (फ़ाइल फ़ोटो) |
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में बगावत की अटकलों के बीच पार्टी की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने 'चुनाव हारने और नेताओं के पाला बदलने' से जुड़ा बयान दिया है.
उन्होंने मंगलवार को एक्स पर लिखा, "मुझे यह सबसे अजीब लगता है कि कोई व्यक्ति एक पार्टी के चुनाव चिह्न और एक ख़ास नेता के नाम पर चुनाव जीतता है, लेकिन जैसे ही उस पार्टी को हार का सामना करना पड़ता है, वह उसी पार्टी और नेता का साथ छोड़ देता है." टीएमसी सांसद ने सवाल किया कि 'अगर आपके विचार चुनाव परिणाम के साथ बदल जाते हैं, तो क्या वे वास्तव में आपके विचार थे?' उन्होंने कहा, "आप किसी पार्टी के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ते हैं. आप मतदाताओं से पार्टी पर भरोसा करने की अपील करते हैं. आप उस पार्टी के समर्थन और उसके नेताओं की अपील के आधार पर जीतते हैं. और फ़िर पार्टी हार जाती है और आप तुरंत पाला बदल लेते हैं." पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद टीएमसी में इस्तीफ़ों का सिलसिला जारी है. सोमवार को पार्टी के राज्यसभा सांसद सुखेंदु रे ने राज्यसभा और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफ़ा दिया. इस बीच टीएमसी की लोकसभा सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने दावा किया है कि उनके साथ 20 सांसद हैं और उन्होंने लोकसभा स्पीकर से सदन में अलग बिठाने की मांग की है. लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस पार्टी के 28 सांसद हैं. 20 सांसदों के समर्थन का मतलब है कि अलग होने वाला कथित गुट दल-बदल विरोधी क़ानून के तहत कार्रवाई से बच सकता है. हालात ये भी हो सकते हैं कि अलग हुए गुट को असली तृणमूल कांग्रेस के तौर पर मान्यता मिल जाए. हालांकि 20 सांसदों की चिट्ठी की पुष्टि बीबीसी नहीं करता है. संबंधित ख़बर: टीएमसी नेता काकोली घोष के दावों के बाद 20 पार्टी सांसदों को लेकर क्या हैं अटकलेंत |

No comments